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गठबंधन पर मध्यप्रदेश में ग्रहण, अलग ही खड़ी है कांग्रेस

गठबंधन पर मध्यप्रदेश में ग्रहण, अलग ही खड़ी है कांग्रेस

लखनऊ/भोपाल. बसपा प्रमुख मायावती के बाद अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी कांग्रेस से नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में हमें बहुत इंतजार कराया। अब हम राज्य में चुनावी गठबंधन के लिए बसपा से बात करेंगे। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन नहीं होगा।
 पिछले दिनों मायावती ने यह आरोप लगाया था कि दिग्विजय सिंह जैसे नेता नहीं चाहते थे कि कांग्रेस और बसपा के बीच चुनावी गठबंधन हो। यही वजह है कि कांग्रेस से अब मप्र और राजस्थान में गठबंधन नहीं होगा। इस बयान से पहले बसपा छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी से गठबंधन कर चुकी थी।

मायावती ने कहा था- राजस्थान में कांग्रेस हमें 200 में 9 सीटें दे रही थी। मध्यप्रदेश में हमें 230 में से 15-20 और छत्तीसगढ़ में 90 में से केवल 5-6 सीटें दे रही थी। बसपा प्रमुख के इस बयान के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा था कि वे मायावती का बहुत सम्मान करते हैं। 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से शुक्रवार को जब एक लीडरशिप समिट में इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि बसपा से गठबंधन नहीं हो पाने का कांग्रेस पर मप्र या राजस्थान में कुछ असर पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन के संकेत दिए थे।

2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने साथ चुनाव लड़ा था। अखिलेश और राहुल ने एक रोड शो भी साथ-साथ किया था। इसके बाद कैराना लोकसभा सीट पर उपचुनाव में दोनों दल साथ थे। वहीं, फूलपुर-गोरखपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान सपा के खिलाफ बसपा ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था।