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पीएमएस में स्लोगन प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागी पुरस्कृत

पीएमएस में स्लोगन प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागी पुरस्कृत

पीएमएस में स्लोगन प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागी पुरस्कृत
★★★
एआरटीओ ने दिए बच्चों को पुरस्कार
अनंत लोहिया और राजेश भारतीय ने दिए देश प्रेम के टिप्स

**★★**

युवा की मुहिम - आओ बनाएं बेहतर भारत के क्रम में ट्रैफिक पर स्कूल स्तरीय स्लोगन प्रतियोगिता कराई गई थी। इसमें कई विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। इसी कड़ी में आज YUVA की ओर से पीएमएस के विनर्स को सम्मान दिया गया।

विद्यालय असेंबली में आयोजित सम्मान समारोह को YUVA के प्रांतीय प्रवक्ता अनंत लोहिया और महासचिव राजेश भारतीय ने संबोधित किया। समारोह के मुख्य अतिथि एआरटीओ अमरीश कुमार ने विनर प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए कहा कि अगर आप सड़क पर पैदल चल रहे हैं तो दाएं चलें और सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि शहरों में सड़क पर बाएं चलना अब खतरे से खाली नहीं और हम पीछे से आ रहे वाहन देख भी नहीं पाते। इसके अतिरिक्त उन्होंने कम उम्र के छात्रों को बाइक आदि न चलाने, हेलमेट प्रयोग करने की सलाह दी। बेस्ट थ्री स्लोगन्स का चयन करने वाले शिक्षा विद् का कहना था कि ज्यादातर स्लोगन्स बहुत ही अच्छे थे और युवा को विद्यालय में इनकी प्रदर्शनी लगानी चाहिए। ताकि सभी इससे लाभ ले सकें।
पीएमएस के जूनियर वर्ग के विनर्स प्रतिभागियों में संचिता 4th- A प्रथम, शिविका रस्तोगी 5th -D द्वितीय और क्लास 4th -B की अक्षरा गर्ग तीसरे स्थान पर रही।
सीनियर वर्ग में नाइंथ सी की कृपा अग्रवाल प्रथम, टेंथ की भव्या बंसल द्वितीय तथा नवीं के इंशा अली खान तृतीय रहे।
विद्यालय के प्रिंसीपल मैथ्यू पॉल ने देश और समाज हित में किए जा रहे YUVA के कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में भी यथा सहयोग का वादा किया। इस अवसर पर YUVA के अध्यक्ष शैलेश भारतीय तथा उपाध्यक्ष सौरभ उद‌यभान सिंह मौजूद रहे।
देश का सिस्टम सही हो, इसके लिए जरूरी है कि नागरिक चीजें समझें और देश की बेहतरी के लिए काम करें। यह काम नागरिक तभी करेंगे जब उन्हें इसके लिए तैयार भी किया जाय और बाध्य भी किया जाय।
नागरिक स्कूलों में तैयार तो किए जा रहे हैं मगर पढ़ाई का बोझ और माता- पिता की अपेक्षाएं इस कदर बढ़ गयी हैं कि पीढ़ियां शिक्षित तो हो रही हैं‌ मगर सीविक सेंस गायब, माता-पिता, शिक्षक आदि बड़ों का सम्मान और कानून का भय गायब।
इस हालत में सरकार कोई भी आ जाय, नेतृत्व कितना ही बेहतर क्यों न हो सुधार की गुंजाइश कम ही होगी।
इन्हीं बातों के मद्देनजर YUVA लगातार स्कूलों में छात्रों के बीच काम कर रही है।
इसी क्रम में YUVA ने यातायात संबंधी नियमों को बच्चों के दिलों तक पहुंचाने के लिए शहर में स्कूल स्तरीय स्लोगन प्रतियोगिता करायी थी।
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अनंत लोहिया
प्रवक्ता YUVA
उत्तर प्रदेश