YUVA एक विचार, एक स्वप्न, एक आंदोलन या एक समृद्ध राष्ट्र का सपना ||

राष्ट्रधर्म सर्वोपरि ||

देश प्रेम बढ़ाएंगे, भ्रष्टाचार मिटायेंगे ||

हमारा नारा भ्रष्टाचार भारत छोड़ो ||

हमारे संकल्प

"" किसी भी व्यक्ति की देश भक्ति सिर्फ उसके कर्म ही तय कर सकते हैं। वह अगर अपना कर्म इमानदारी से कर रहा है तो निश्चित तौर पर उसे किसी से प्रमाण पत्र नहीं लेना।” राष्ट्र चिन्ह और राष्ट्रगान आदि का अपमान करना राष्ट्रद्रोह है और ऐसे लोगों से Yuva किसी भी हालत में संबंध नहीं रखेगी। ""

हमारी शिक्षा प्रणाली में कुछ कमी है या किताबों की बातें व्यवहारिक जीवन में प्रयोग नहीं की जातीं। यही वजह है कि देश में हर ओर भ्रष्टाचार फैलता जा रहा है। आम नागरिकों को धर्म और जाति की लड़ाई में उलझाकर राजनीतिक दल सत्ता हासिल करते हैं जिसके कारण बहुत बड़ा बजट व्यय करने के बाद भी तमाम बच्चे स्कूलों तक नहीं पहुंच पाते, सबको इलाज, सुरक्षा रोजगार और न्याय अभी भी नहीं मिल पा रहा । कहते हैं देश में जनतंत्र है मगर गौर से देखें तो यह सिर्फ धनतंत्र है। सरकारों को पर्दे के पीछे से पूंजीपति ही चलाते नजर आ रहे हैं यही कारण है कि किसानों, मजदूरों, छात्रों, महिलाओँ, खिलाड़ियों और प्रोफेशनल्स की समस्याओं का जड़ों से समाधान तलाशा ही नहीं जाता। आम नागरिकों और व्यापारियों को पॉलीथिन न प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित और दंडित किया जाता है मगर उत्पादन धड़ल्ले से जारी रहने दिया जाता है। स्वच्छता के व्यापक अभियान तो चलाए जाते हैं मगर नदियों में फैक्ट्रियों का दूषित कचरा गिरने से कोई नहीं रोक पाता। सत्ता अगर वोटों की और धनिकों से धन की लालच छोड़ कर अपना कार्य इमानदारी से करे तो हालात बदलते नजर आने लगेंगे मगर ऐसा होता नहीं क्योंकि हमारे जन प्रतिनिधियों में ज्ञान, देश प्रेम का स्तर और इच्छाशक्ति का अभाव होता है या सत्ता पाने की लालच उन्हें इसके लिए विवश कर देती है। यही वजह है कि युवा ज्ञान से भरपूर, अति देशभक्त और मजबूत इच्छाशक्ति वाले युवाओं को संसद और विधानसभाओँ तक पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है। जिनपर यह जिम्मेदारी होगी कि राष्ट्र के हितों की रक्षा वे सैनिकों की तरह ही अपनी जान की बाजी लगाकर भी करेंगे।

Yuva के उद्देश्य तथा संभावित कार्य

1. स्कूलों और कालेजों में जाकर छात्रों के अंदर देश प्रेम की भावना को विकसित करना तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करना।

2. समय समय पर विभिन्न मुद्दों जैसे सफाई, अतिक्रमण, भिक्षाटन, ट्रैफिक जाम आदि के विरोध स्वरूप लोगों को जागरूक करने के लिए साइकिल रैली निकालना।

3. सामाजिक अपराध दुष्कर्म, नशाखोरी आदि के खिलाफ सार्वजनिक स्थलों पर स्लोगन लगाना।

4. सरकार द्वारा उठाए जा रहे गलत कार्यों को रोकने के लिए हाईकोर्ट में पीआईएल फाइल कर उन पर अंकुश लगाना। ( अभी सरकारी विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों को भरने के लिए सरकार की ओर से अवकाश प्राप्त शिक्षकों को भर्ती किए जाने के आदेश जारी हुए हैं। यह बेरोजगार बीएड और एलटी छात्रों के साथ अन्याय है।)

5. राष्ट्रीय पर्वों को महापर्व बनाना और शहीदों की जयंती आदि पर आयोजन करना।

6. समाज में इमानदारी से अपना काम कर रहे लोगों (अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों और संस्था के बेहतरीन सदस्यों को सम्मानित करना।

7. Yuva देश की सेवा के लिए कटिबद्ध है और इस कार्य के लिए अगर राजनीति में जाने की जरूरत होगी तो Yuva इस कार्य में भी पीछे नहीं हटेगी।

8. Yuva पत्रिका का प्रकाशन आवश्यक्ता होने पर करेगी।